निबंध के अनुसार समाज-सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। मनुष्य जाति के इतिहास में कभी ऐसा समय नहीं आया जब सुधारों की आवश्यकता न रही हो, क्योंकि जीवन में दोष सदैव उत्पन्न होते रहते हैं। सही उत्तर: (क) सुधारों ...
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