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बैलों ने रस्सी तोड़कर घर लौटने का निर्णय क्यों लिया? (क) कष्टों से बचने के लिए (ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए (ग) अभिमान की रक्षा के लिए (घ) अपनापन पाने के लिए
हीरा और मोती के लिए झूरी का घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि प्रेम का केंद्र था । गया के घर पहुँचते ही उन्हें बेगानेपन का अहसास हुआ और उन्हें लगा कि उन्हें दंड स्वरूप यहाँ भेजा गया है । वहाँ न तो उन्हें भरपेट चारा मिला और न ही प्रेमपूर्ण पुकार । अपनी अस्मिता और मालिक के प्रति लगाव के कारण उन्होंने परRead more
हीरा और मोती के लिए झूरी का घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि प्रेम का केंद्र था । गया के घर पहुँचते ही उन्हें बेगानेपन का अहसास हुआ और उन्हें लगा कि उन्हें दंड स्वरूप यहाँ भेजा गया है । वहाँ न तो उन्हें भरपेट चारा मिला और न ही प्रेमपूर्ण पुकार । अपनी अस्मिता और मालिक के प्रति लगाव के कारण उन्होंने पराधीनता की उन रस्सियों को झटके में तोड़कर वापस अपने पुराने घर लौटने का साहसी निर्णय लिया ।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
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See less“दो बैलों की कथा” को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं? (क) भारत पर अंग्रेजों के क्रूर और अन्यायपूर्ण शासन के (ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के (ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलन के (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के इस प्रसिद्ध कहानी के लेखक मुंशी प्रेमचंद ने अपने पात्रों के माध्यम से गहरे सामाजिक और राष्ट्रीय भाव भी व्यक्त किए हैं।
यह कहानी परोक्ष रूप से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की भावनाओं को प्रतिध्वनित करती है । हीरा और मोती का बार-बार बंधन से भागना, काँजीहौस जैसी जेल की दीवार तोड़ना और अत्याचारी गया के विरुद्ध खड़े होना, दबे-कुचले भारतीयों के साहस का प्रतीक है । प्रेमचंद ने इनके माध्यम से बताया है कि जैसे बैलों को आजादी केRead more
यह कहानी परोक्ष रूप से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की भावनाओं को प्रतिध्वनित करती है । हीरा और मोती का बार-बार बंधन से भागना, काँजीहौस जैसी जेल की दीवार तोड़ना और अत्याचारी गया के विरुद्ध खड़े होना, दबे-कुचले भारतीयों के साहस का प्रतीक है । प्रेमचंद ने इनके माध्यम से बताया है कि जैसे बैलों को आजादी के लिए अनेक कष्ट सहने पड़े, वैसे ही भारतीय जनता को भी स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए संगठित होकर कड़ा संघर्ष करना होगा । उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के।
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See lessगया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का घोतक है? (क) स्वाभिमान (ख) अहिंसा (ग) पराधीनता (घ) अन्याय की रक्षा
मोती का चरित्र अधिक उग्र और स्वाभिमानी है। गया द्वारा निरंतर प्रताड़ित किए जाने और हीरा पर हुए प्रहार ने उसके धैर्य की सीमा तोड़ दी । वह केवल एक पशु की तरह मार नहीं खाना चाहता था, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने की इच्छा रखता था । उसका यह आक्रोश यह स्पष्ट करता है कि स्वाभिमानी जीव पराधीनता और क्रूरतRead more
मोती का चरित्र अधिक उग्र और स्वाभिमानी है। गया द्वारा निरंतर प्रताड़ित किए जाने और हीरा पर हुए प्रहार ने उसके धैर्य की सीमा तोड़ दी । वह केवल एक पशु की तरह मार नहीं खाना चाहता था, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने की इच्छा रखता था । उसका यह आक्रोश यह स्पष्ट करता है कि स्वाभिमानी जीव पराधीनता और क्रूरता को मूक होकर स्वीकार नहीं करते, बल्कि अपनी गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष करते हैं ।
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See lessकहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया? (क) कहानी को रोचक बनाने के लिए (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए (ग) संवादों को छोटा रखने के लिए (घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
लेखक ने मूक-भाषा के माध्यम से हीरा और मोती को केवल जानवर न मानकर बुद्धिमान पात्रों के रूप में स्थापित किया है । यह भाषा उनके बीच के भाईचारे, सहानुभूति और रणनीतिक विमर्श को व्यक्त करती है । इसके द्वारा प्रेमचंद ने यह सिद्ध किया है कि वाणी न होने के बावजूद पशुओं में आत्मिक शक्ति होती है, जिससे वे मनुषRead more
लेखक ने मूक-भाषा के माध्यम से हीरा और मोती को केवल जानवर न मानकर बुद्धिमान पात्रों के रूप में स्थापित किया है । यह भाषा उनके बीच के भाईचारे, सहानुभूति और रणनीतिक विमर्श को व्यक्त करती है । इसके द्वारा प्रेमचंद ने यह सिद्ध किया है कि वाणी न होने के बावजूद पशुओं में आत्मिक शक्ति होती है, जिससे वे मनुष्य की तुलना में श्रेष्ठता का दावा कर सकते हैं और जटिल परिस्थितियों में एकजुट होकर निर्णय ले सकते हैं ।
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See less“मोती ने मूक-भाषा में कहा— अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!” “कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है” इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
प्रेमचंद ने हीरा और मोती के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बिना संघर्ष के स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। जब बैलों को काँजीहौस में कैद किया गया, जहाँ उन्हें भूखा रखकर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, तब उन्होंने अपनी पूरी शक्ति लगाकर दीवार तोड़ दी। इसी प्रकार, जब एक विशाल साँड़ ने उन पर हमला किया, तो उन्हRead more
प्रेमचंद ने हीरा और मोती के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बिना संघर्ष के स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। जब बैलों को काँजीहौस में कैद किया गया, जहाँ उन्हें भूखा रखकर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, तब उन्होंने अपनी पूरी शक्ति लगाकर दीवार तोड़ दी। इसी प्रकार, जब एक विशाल साँड़ ने उन पर हमला किया, तो उन्होंने भागने के बजाय एकजुट होकर उसका सामना किया। ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि जीवन में जब मान-सम्मान और अस्तित्व पर खतरा मंडराता है, तब चुपचाप सहने के बजाय साहसपूर्वक लड़ना ही एकमात्र विकल्प बचता है।
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