हीरा और मोती उन भारतीय क्रांतिकारियों और जनता के प्रतीक हैं जिन्होंने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए बार-बार संघर्ष किया । उनकी कहानी यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता बिना बलिदान और निरंतर विद्रोह के प्राप्त नहीं की जा सकती । उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के।
“दो बैलों की कथा” को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं? (क) भारत पर अंग्रेजों के क्रूर और अन्यायपूर्ण शासन के (ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के (ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलन के (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के इस प्रसिद्ध कहानी के लेखक मुंशी प्रेमचंद ने अपने पात्रों के माध्यम से गहरे सामाजिक और राष्ट्रीय भाव भी व्यक्त किए हैं।
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यह कहानी परोक्ष रूप से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की भावनाओं को प्रतिध्वनित करती है । हीरा और मोती का बार-बार बंधन से भागना, काँजीहौस जैसी जेल की दीवार तोड़ना और अत्याचारी गया के विरुद्ध खड़े होना, दबे-कुचले भारतीयों के साहस का प्रतीक है । प्रेमचंद ने इनके माध्यम से बताया है कि जैसे बैलों को आजादी के लिए अनेक कष्ट सहने पड़े, वैसे ही भारतीय जनता को भी स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए संगठित होकर कड़ा संघर्ष करना होगा । उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के।
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