गया के घर में बैलों को वह स्नेह और सम्मान नहीं मिला जो उन्हें झूरी के पास मिलता था । वहाँ वे खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रहे थे, इसलिए अपनेपन और पुराने घर की तलाश में उन्होंने ...
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हीरा और मोती उन भारतीय क्रांतिकारियों और जनता के प्रतीक हैं जिन्होंने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए बार-बार संघर्ष किया । उनकी कहानी यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता बिना बलिदान और निरंतर विद्रोह के प्राप्त नहीं की ...
हीरा और मोती ‘अपनापन’ की भावना से अधिक प्रेरित थे। उनके लिए स्वतंत्रता का अर्थ झूरी के सानिध्य में रहना था। जहाँ अपनापन नहीं मिला, वहीं उन्होंने विद्रोह किया और अपने पुराने घर की ओर प्रस्थान किया।
हीरा और मोती की मित्रता अद्वितीय थी। वे हल जोतते समय एक-दूसरे का बोझ खुद उठाने की कोशिश करते, मूक भाषा में विचार विनिमय करते और संकट के समय कभी एक-दूसरे को अकेला छोड़कर नहीं भागते थे।
हाँ, मैं इस कथन से सहमत हूँ। कहानी में गधे अवसर मिलने पर भी नहीं भागे क्योंकि वे अनिश्चितता के डर से डरे हुए थे। आत्मविश्वास की कमी मनुष्य को उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने से सदैव रोकती है।