भारतीय साहित्य ‘धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष’ के माध्यम से संतुलित जीवन का संदेश देता है। यह सिखाता है कि व्यक्ति को अपने सांसारिक कर्तव्यों को निभाते हुए आत्मिक शांति और नैतिक मूल्यों का त्याग नहीं करना चाहिए।
Home/Questions/Page 78
Discussion Forum Latest Questions
जैविक खाद बनाना ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ वाली बात है। इसमें हम रसोई के कचरे से मूल्यवान खाद बनाकर दोहरा लाभ उठाते हैं। इससे प्रदूषण भी कम होता है और पौधों को पोषण भी मिलता है।
प्रिय डायरी, मुझे लगता था कि छात्रावास का जीवन बहुत कठिन और नीरस होगा। दूर से वह अनुशासन की जेल जैसा दिखता था, परंतु निकट से अनुभव करने पर मुझे वहाँ मित्रता और आत्मनिर्भरता का अनूठा सुख मिला।
लेखक के अनुसार आदर्श निबंध नियमों, विद्वता और सामग्री के संकलन पर आधारित होता है, जबकि व्यक्तिगत निबंध लेखक के हृदय के मुक्त उल्लास और सच्ची अनुभूतियों की सहज अभिव्यक्ति है।
इस कथन का आशय है कि समाज में परिवर्तन निरंतर होते रहते हैं, जिससे नए दोष पैदा होते हैं। इन दोषों को मिटाने के लिए हर युग में नए सुधारों की आवश्यकता बनी रहती है।