ताई को भ्रम में रखना नैतिक रूप से गलत था, लेकिन व्यावहारिक रूप से उनकी मानसिक स्थिति को देखते हुए उचित था। बुढ़ापे में सच का झटका उन्हें गहरा सदमा पहुँचा सकता था, जिसे वे सहन नहीं कर पातीं।
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उपयुक्त प्रश्न: प्रश्न ख : शीर्षक ‘संवादहीन’ का क्या भावार्थ है? यह प्रश्न उपयुक्त है क्योंकि उत्तर शीर्षक की गहराई और उसके पीछे छिपे अर्थ को स्पष्ट करता है, जो जीवन में व्याप्त बातचीत की कमी और मौन को दर्शाता ...
उपयुक्त प्रश्न: प्रश्न ख : ताई के प्रयागराज से लौटने से पहले क्या अनहोनी हुई? यह प्रश्न सही है क्योंकि उत्तर ताई की अनुपस्थिति के दौरान घटी एक विशिष्ट घटना यानी मिट्टू के उड़ जाने की जानकारी देता है, जो ...
जगन मास्टर एक संवेदनशील, उदार और सिद्धांतों वाले व्यक्ति थे। वे पक्षियों को कैद करने के खिलाफ थे। उदाहरण के लिए, मिट्ठू की दयनीय स्थिति को देखकर उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के उसे पिंजरे से मुक्त कर दिया।
यह कहानी आधुनिक समाज में बुजुर्गों के अकेलेपन और उनके जीवन में व्याप्त संवादहीनता की समस्या को प्रभावी ढंग से दिखाती है, जहाँ अपनों के अभाव में वे पक्षियों का सहारा लेते हैं। उत्तर: (ग) अकेलापन