जब गया ने हीरा की नाक पर डंडे मारे, तो मोती का गुस्सा बेकाबू हो गया क्योंकि वह अन्याय और अपमान सहन नहीं कर सकता था । उसका यह आक्रोश उसके प्रबल स्वाभिमान और अत्याचार के विरुद्ध विद्रोह की मानवीय ...
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प्रेमचंद ने मूक-भाषा का प्रयोग यह दिखाने के लिए किया है कि पशुओं में भी गहरी संवेदनाएँ और विचारशील चेतना होती है । वे बिना बोले एक-दूसरे के दुख और योजना को समझ लेते हैं, जो उन्हें मानवीय गुणों के ...
हीरा और मोती उन भारतीय क्रांतिकारियों और जनता के प्रतीक हैं जिन्होंने गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए बार-बार संघर्ष किया । उनकी कहानी यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता बिना बलिदान और निरंतर विद्रोह के प्राप्त नहीं की ...
हीरा और मोती को लगा कि उनके स्वामी झूरी ने उन्हें बेच दिया है। वे नए मालिक गया के प्रति वफादार नहीं थे और स्वयं को अपमानित महसूस कर रहे थे, इसलिए उन्होंने काम करने से इनकार किया।
बैलों का भागकर वापस आना उनके तीव्र गृह-प्रेम और झूरी के प्रति अगाध श्रद्धा को दर्शाता है। यह पशुओं की भावनात्मक बुद्धिमत्ता और वफादारी का अनूठा उदाहरण है, जो वास्तविक जीवन में भी विरले ही दिखता है।