ए.जी. गार्डिनर का मत है कि एक कुशल निबंधकार किसी भी साधारण विषय, जैसे 'हैट टाँगने की खूँटी' पर भी अपने भावों से उत्कृष्ट निबंध लिख सकता है। उनके लिए विषय केवल एक आधार मात्र है, असली वस्तु लेखक के हृदय का उल्लास और स्फूर्ति है। दूसरी ओर, लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी इस सिद्धांत को आदर्श तो मानते हैं,Read more
ए.जी. गार्डिनर का मत है कि एक कुशल निबंधकार किसी भी साधारण विषय, जैसे ‘हैट टाँगने की खूँटी’ पर भी अपने भावों से उत्कृष्ट निबंध लिख सकता है। उनके लिए विषय केवल एक आधार मात्र है, असली वस्तु लेखक के हृदय का उल्लास और स्फूर्ति है। दूसरी ओर, लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी इस सिद्धांत को आदर्श तो मानते हैं, किंतु व्यावहारिक धरातल पर वे इसे चुनौतीपूर्ण पाते हैं। लेखक का मानना है कि जब तक विषय की सीमाएँ और उसका स्वरूप स्पष्ट न हो, तब तक विचारों को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध करना अत्यंत कठिन कार्य हो जाता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
तरुणों की असंतुष्टि का मुख्य कारण उनका भविष्य के प्रति उत्साह और वर्तमान व्यवस्थाओं को बदलने की तीव्र इच्छा होती है। वे एक नया आदर्श समाज गढ़ना चाहते हैं, जिसके लिए वर्तमान उन्हें बाधा प्रतीत होता है। वहीं वृद्धों की असंतुष्टि का कारण उनका अतीत के प्रति अत्यधिक मोह है। उन्हें अपना बीता हुआ समय ही सर्Read more
तरुणों की असंतुष्टि का मुख्य कारण उनका भविष्य के प्रति उत्साह और वर्तमान व्यवस्थाओं को बदलने की तीव्र इच्छा होती है। वे एक नया आदर्श समाज गढ़ना चाहते हैं, जिसके लिए वर्तमान उन्हें बाधा प्रतीत होता है। वहीं वृद्धों की असंतुष्टि का कारण उनका अतीत के प्रति अत्यधिक मोह है। उन्हें अपना बीता हुआ समय ही सर्वश्रेष्ठ लगता है और वे वर्तमान परिवर्तनों को स्वीकार करने में स्वयं को असमर्थ पाते हैं। तरुण भविष्य के स्वप्न देखते हैं और वृद्ध अतीत के गौरव में जीते हैं, इसीलिए दोनों के लिए वर्तमान सदैव कष्टकारी और असंतोषजनक बना रहता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
निमिता चाहती थी कि लेखक 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' जैसे कलात्मक विषय पर लिखे, जबकि अमिता चाहती थी कि वे 'समाज-सुधार' जैसे गंभीर और समसामयिक विषय पर विचार दें। लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन दोनों विषयों की प्रकृति एकदम भिन्न थी। एक भावप्रधान था और दूसरा समस्याप्रधान। इसके अतिरिक्त, उन्Read more
निमिता चाहती थी कि लेखक ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ जैसे कलात्मक विषय पर लिखे, जबकि अमिता चाहती थी कि वे ‘समाज-सुधार’ जैसे गंभीर और समसामयिक विषय पर विचार दें। लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन दोनों विषयों की प्रकृति एकदम भिन्न थी। एक भावप्रधान था और दूसरा समस्याप्रधान। इसके अतिरिक्त, उन्हें एक निश्चित समय और सीमित शब्दों के भीतर अपनी बात कहनी थी। लेखक को लगा कि बिना मानसिक एकाग्रता और उचित वातावरण के इन विषयों के साथ न्याय करना और मौलिक विचार प्रस्तुत करना अत्यंत दुष्कर कार्य है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
निबंधशास्त्र के आचार्यों का सुझाव है कि एक आदर्श निबंध लिखने के लिए लेखक को पहले विषय से संबंधित सामग्री एकत्रित करनी चाहिए। उन्हें प्रसिद्ध विद्वानों के उद्धरणों और तर्कों का समावेश करना चाहिए ताकि निबंध प्रभावशाली लगे। भाषा शैली सरल, सुबोध और व्याकरण सम्मत होनी चाहिए। निबंध का प्रारंभ और अंत प्रभाRead more
निबंधशास्त्र के आचार्यों का सुझाव है कि एक आदर्श निबंध लिखने के लिए लेखक को पहले विषय से संबंधित सामग्री एकत्रित करनी चाहिए। उन्हें प्रसिद्ध विद्वानों के उद्धरणों और तर्कों का समावेश करना चाहिए ताकि निबंध प्रभावशाली लगे। भाषा शैली सरल, सुबोध और व्याकरण सम्मत होनी चाहिए। निबंध का प्रारंभ और अंत प्रभावशाली होना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से, किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले मैं उस विषय से संबंधित जानकारी जुटाता हूँ, मुख्य बिंदुओं की एक सूची बनाता हूँ और फिर उन्हें एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित कर अपने मौलिक विचारों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
हमारे इतिहास के ये महापुरुष अद्वितीय समाज सुधारक रहे हैं। गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अहिंसा, करुणा और समानता का उपदेश देकर तत्कालीन कर्मकांडों और जातिवाद पर प्रहार किया। उन्होंने जीवन को सरल बनाने और आत्मज्ञान प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। नागार्जुन ने बौद्ध दर्शन में शून्यवाद का प्रतिपादनRead more
हमारे इतिहास के ये महापुरुष अद्वितीय समाज सुधारक रहे हैं। गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अहिंसा, करुणा और समानता का उपदेश देकर तत्कालीन कर्मकांडों और जातिवाद पर प्रहार किया। उन्होंने जीवन को सरल बनाने और आत्मज्ञान प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया।
नागार्जुन ने बौद्ध दर्शन में शून्यवाद का प्रतिपादन किया और विज्ञान व तर्क को बढ़ावा दिया। आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के माध्यम से सांस्कृतिक एकता स्थापित की और चार मठों की स्थापना कर धर्म को सुव्यवस्थित किया।
मध्यकाल में कबीर और गुरु नानक देव ने धार्मिक पाखंडों और बाह्य आडंबरों का पुरजोर विरोध किया। कबीर ने अपनी साखियों के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम एकता और निर्गुण भक्ति पर बल दिया, जबकि गुरु नानक ने ‘एक ओंकार’ का संदेश देकर लंगर जैसी प्रथा शुरू की, जिससे सामाजिक असमानता समाप्त हुई। इन सभी ने अपने समय में प्रचलित बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए वैचारिक क्रांति की और समाज को एक नई नैतिक दिशा दी। इनके कार्य आज भी प्रासंगिक हैं।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
निबंध लेखन के विषय में ए.जी. गार्डिनर और लेखक के विचारों में क्या अंतर है?
ए.जी. गार्डिनर का मत है कि एक कुशल निबंधकार किसी भी साधारण विषय, जैसे 'हैट टाँगने की खूँटी' पर भी अपने भावों से उत्कृष्ट निबंध लिख सकता है। उनके लिए विषय केवल एक आधार मात्र है, असली वस्तु लेखक के हृदय का उल्लास और स्फूर्ति है। दूसरी ओर, लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी इस सिद्धांत को आदर्श तो मानते हैं,Read more
ए.जी. गार्डिनर का मत है कि एक कुशल निबंधकार किसी भी साधारण विषय, जैसे ‘हैट टाँगने की खूँटी’ पर भी अपने भावों से उत्कृष्ट निबंध लिख सकता है। उनके लिए विषय केवल एक आधार मात्र है, असली वस्तु लेखक के हृदय का उल्लास और स्फूर्ति है। दूसरी ओर, लेखक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी इस सिद्धांत को आदर्श तो मानते हैं, किंतु व्यावहारिक धरातल पर वे इसे चुनौतीपूर्ण पाते हैं। लेखक का मानना है कि जब तक विषय की सीमाएँ और उसका स्वरूप स्पष्ट न हो, तब तक विचारों को व्यवस्थित रूप से लिपिबद्ध करना अत्यंत कठिन कार्य हो जाता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/
See lessलेखक के अनुसार वृद्ध और तरुण दोनों ही वर्तमान से असंतुष्ट रहते हैं, पर दोनों की असंतुष्टि के कारण भिन्न हैं। आपके विचार से उनकी असंतुष्टि के क्या-क्या कारण हो सकते हैं?
तरुणों की असंतुष्टि का मुख्य कारण उनका भविष्य के प्रति उत्साह और वर्तमान व्यवस्थाओं को बदलने की तीव्र इच्छा होती है। वे एक नया आदर्श समाज गढ़ना चाहते हैं, जिसके लिए वर्तमान उन्हें बाधा प्रतीत होता है। वहीं वृद्धों की असंतुष्टि का कारण उनका अतीत के प्रति अत्यधिक मोह है। उन्हें अपना बीता हुआ समय ही सर्Read more
तरुणों की असंतुष्टि का मुख्य कारण उनका भविष्य के प्रति उत्साह और वर्तमान व्यवस्थाओं को बदलने की तीव्र इच्छा होती है। वे एक नया आदर्श समाज गढ़ना चाहते हैं, जिसके लिए वर्तमान उन्हें बाधा प्रतीत होता है। वहीं वृद्धों की असंतुष्टि का कारण उनका अतीत के प्रति अत्यधिक मोह है। उन्हें अपना बीता हुआ समय ही सर्वश्रेष्ठ लगता है और वे वर्तमान परिवर्तनों को स्वीकार करने में स्वयं को असमर्थ पाते हैं। तरुण भविष्य के स्वप्न देखते हैं और वृद्ध अतीत के गौरव में जीते हैं, इसीलिए दोनों के लिए वर्तमान सदैव कष्टकारी और असंतोषजनक बना रहता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/
See lessनिमिता और अमिता किन विषयों पर निबंध लिखवाना चाहती हैं? उनके द्वारा सुझाए गए विषयों पर निबंध लिखने में लेखक को क्या-क्या कठिनाइयाँ आईं?
निमिता चाहती थी कि लेखक 'दूर के ढोल सुहावने होते हैं' जैसे कलात्मक विषय पर लिखे, जबकि अमिता चाहती थी कि वे 'समाज-सुधार' जैसे गंभीर और समसामयिक विषय पर विचार दें। लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन दोनों विषयों की प्रकृति एकदम भिन्न थी। एक भावप्रधान था और दूसरा समस्याप्रधान। इसके अतिरिक्त, उन्Read more
निमिता चाहती थी कि लेखक ‘दूर के ढोल सुहावने होते हैं’ जैसे कलात्मक विषय पर लिखे, जबकि अमिता चाहती थी कि वे ‘समाज-सुधार’ जैसे गंभीर और समसामयिक विषय पर विचार दें। लेखक के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि इन दोनों विषयों की प्रकृति एकदम भिन्न थी। एक भावप्रधान था और दूसरा समस्याप्रधान। इसके अतिरिक्त, उन्हें एक निश्चित समय और सीमित शब्दों के भीतर अपनी बात कहनी थी। लेखक को लगा कि बिना मानसिक एकाग्रता और उचित वातावरण के इन विषयों के साथ न्याय करना और मौलिक विचार प्रस्तुत करना अत्यंत दुष्कर कार्य है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/
See lessनिबंधशास्त्र के आचार्यों ने आदर्श निबंध लिखने की कौन-सी युक्तियाँ सुझाई हैं? आप किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले किस तरह की तैयारी करते हैं?
निबंधशास्त्र के आचार्यों का सुझाव है कि एक आदर्श निबंध लिखने के लिए लेखक को पहले विषय से संबंधित सामग्री एकत्रित करनी चाहिए। उन्हें प्रसिद्ध विद्वानों के उद्धरणों और तर्कों का समावेश करना चाहिए ताकि निबंध प्रभावशाली लगे। भाषा शैली सरल, सुबोध और व्याकरण सम्मत होनी चाहिए। निबंध का प्रारंभ और अंत प्रभाRead more
निबंधशास्त्र के आचार्यों का सुझाव है कि एक आदर्श निबंध लिखने के लिए लेखक को पहले विषय से संबंधित सामग्री एकत्रित करनी चाहिए। उन्हें प्रसिद्ध विद्वानों के उद्धरणों और तर्कों का समावेश करना चाहिए ताकि निबंध प्रभावशाली लगे। भाषा शैली सरल, सुबोध और व्याकरण सम्मत होनी चाहिए। निबंध का प्रारंभ और अंत प्रभावशाली होना चाहिए। व्यक्तिगत रूप से, किसी भी विषय पर निबंध लिखने से पहले मैं उस विषय से संबंधित जानकारी जुटाता हूँ, मुख्य बिंदुओं की एक सूची बनाता हूँ और फिर उन्हें एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित कर अपने मौलिक विचारों के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूँ।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/
See lessनिबंध में बुद्धदेव, महावीर स्वामी, नागार्जुन, शंकराचार्य, कबीर, नानक आदि कई महान व्यक्तियों के नाम आए हैं। इनके विषय में जानकारी एकत्रित करके संक्षेप में बताइए कि इन्होंने अपने समय में समाज के लिए क्या-क्या कार्य किए।
हमारे इतिहास के ये महापुरुष अद्वितीय समाज सुधारक रहे हैं। गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अहिंसा, करुणा और समानता का उपदेश देकर तत्कालीन कर्मकांडों और जातिवाद पर प्रहार किया। उन्होंने जीवन को सरल बनाने और आत्मज्ञान प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया। नागार्जुन ने बौद्ध दर्शन में शून्यवाद का प्रतिपादनRead more
हमारे इतिहास के ये महापुरुष अद्वितीय समाज सुधारक रहे हैं। गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अहिंसा, करुणा और समानता का उपदेश देकर तत्कालीन कर्मकांडों और जातिवाद पर प्रहार किया। उन्होंने जीवन को सरल बनाने और आत्मज्ञान प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त किया।
नागार्जुन ने बौद्ध दर्शन में शून्यवाद का प्रतिपादन किया और विज्ञान व तर्क को बढ़ावा दिया। आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत के माध्यम से सांस्कृतिक एकता स्थापित की और चार मठों की स्थापना कर धर्म को सुव्यवस्थित किया।
मध्यकाल में कबीर और गुरु नानक देव ने धार्मिक पाखंडों और बाह्य आडंबरों का पुरजोर विरोध किया। कबीर ने अपनी साखियों के माध्यम से हिंदू-मुस्लिम एकता और निर्गुण भक्ति पर बल दिया, जबकि गुरु नानक ने ‘एक ओंकार’ का संदेश देकर लंगर जैसी प्रथा शुरू की, जिससे सामाजिक असमानता समाप्त हुई। इन सभी ने अपने समय में प्रचलित बुराइयों को जड़ से मिटाने के लिए वैचारिक क्रांति की और समाज को एक नई नैतिक दिशा दी। इनके कार्य आज भी प्रासंगिक हैं।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/
See less