प्रेमचंद ने मूक-भाषा का प्रयोग यह दिखाने के लिए किया है कि पशुओं में भी गहरी संवेदनाएँ और विचारशील चेतना होती है । वे बिना बोले एक-दूसरे के दुख और योजना को समझ लेते हैं, जो उन्हें मानवीय गुणों के करीब लाता है । उत्तर: (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए।
कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया? (क) कहानी को रोचक बनाने के लिए (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए (ग) संवादों को छोटा रखने के लिए (घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
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लेखक ने मूक-भाषा के माध्यम से हीरा और मोती को केवल जानवर न मानकर बुद्धिमान पात्रों के रूप में स्थापित किया है । यह भाषा उनके बीच के भाईचारे, सहानुभूति और रणनीतिक विमर्श को व्यक्त करती है । इसके द्वारा प्रेमचंद ने यह सिद्ध किया है कि वाणी न होने के बावजूद पशुओं में आत्मिक शक्ति होती है, जिससे वे मनुष्य की तुलना में श्रेष्ठता का दावा कर सकते हैं और जटिल परिस्थितियों में एकजुट होकर निर्णय ले सकते हैं ।
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