घर केवल दीवारों से नहीं, लोगों की चहल-पहल से बनता है। ताई के बच्चे बाहर जा चुके थे, जिससे घर का रखरखाव बंद हो गया और वहाँ सन्नाटा पसर गया, इसलिए उसे खंडहर कहा गया है।
Home/नया एनसीईआरटी 2026-27 दूसरा अध्याय - शेखर जोशी द्वारा रचित 'संवादहीन'