What's your question?
  1. मानटेन की यह पद्धति निबंध लेखन में 'सच्ची अनुभूति' को महत्व देती है। जब लेखक अपनी आँखों से देखी गई घटनाओं, कानों से सुनी गई बातों और स्वयं के अनुभवों को लिखता है, तो पाठक उससे जुड़ाव महसूस करते हैं। केवल कल्पना या दूसरों के विचारों के आधार पर लिखा गया निबंध नीरस हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत अनुभव उसमेRead more

    मानटेन की यह पद्धति निबंध लेखन में ‘सच्ची अनुभूति’ को महत्व देती है। जब लेखक अपनी आँखों से देखी गई घटनाओं, कानों से सुनी गई बातों और स्वयं के अनुभवों को लिखता है, तो पाठक उससे जुड़ाव महसूस करते हैं। केवल कल्पना या दूसरों के विचारों के आधार पर लिखा गया निबंध नीरस हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत अनुभव उसमें प्राण फूंक देते हैं। यह प्रक्रिया लेखक की अवलोकन शक्ति को बढ़ाती है और उसे समाज को एक नए नजरिए से देखने की प्रेरणा देती है। अनुभव आधारित लेखन ही वास्तव में लेखक के व्यक्तित्व और उसके उल्लास को प्रकट करता है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)

    एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/

    See less
    • 206
  2. आज के युग में भी कई विभूतियाँ समाज को बेहतर बना रही हैं। स्त्री-शिक्षा के क्षेत्र में ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज 'नन्हीं कली' और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियान सक्रिय हैं। मलाला यूसुफजई ने वैश्विक स्तर पर बालिकाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया है। पर्यावरण संरRead more

    आज के युग में भी कई विभूतियाँ समाज को बेहतर बना रही हैं। स्त्री-शिक्षा के क्षेत्र में ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आज ‘नन्हीं कली’ और ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान सक्रिय हैं। मलाला यूसुफजई ने वैश्विक स्तर पर बालिकाओं की शिक्षा के लिए संघर्ष किया है।

    पर्यावरण संरक्षण में ‘पययवरण पुरुष’ सुंदरलाल बहुगुणा (चिपको आंदोलन) और जादव पायेंग, जिन्होंने अकेले पूरा जंगल खड़ा कर दिया, जैसे नाम प्रेरणादायी हैं। संस्थाओं में ‘ग्रीनपीस’ और ‘टेरी’ (TERI) महत्वपूर्ण शोध और कार्य कर रही हैं।

    दिव्यांगजन और विशेष आवश्यकता वाले समूहों के लिए ‘नारायण सेवा संस्थान’ और ‘एलिम्को’ (ALIMCO) जैसी संस्थाएं कृत्रिम अंग और पुनर्वास प्रदान कर रही हैं। दीपा मलिक जैसे खिलाड़ी भी दिव्यांगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

    असमानता दूर करने के लिए ‘गूंज’ और ‘स्माइल फाउंडेशन’ शिक्षा और बुनियादी जरूरतों पर काम कर रहे हैं। ये व्यक्ति और संस्थाएं साबित करते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति से सामाजिक बदलाव संभव है और मानवता की सेवा ही सर्वोपरि धर्म है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)

    एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/

     

    See less
    • 189
  3. यदि मुझे समाज-सुधार का अवसर मिले, तो मेरी प्राथमिकता शिक्षा और नैतिकता का समन्वय होगी। मेरा मानना है कि केवल साक्षरता पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इसके लिए मैं मोहल्ला स्तर पर पुस्तकालय और 'संस्कार केंद्र' खोलना चाहूँगा। दRead more

    यदि मुझे समाज-सुधार का अवसर मिले, तो मेरी प्राथमिकता शिक्षा और नैतिकता का समन्वय होगी। मेरा मानना है कि केवल साक्षरता पर्याप्त नहीं है, बल्कि बच्चों को व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा मिलनी चाहिए ताकि वे जिम्मेदार नागरिक बन सकें। इसके लिए मैं मोहल्ला स्तर पर पुस्तकालय और ‘संस्कार केंद्र’ खोलना चाहूँगा।

    दूसरा प्रमुख सुधार स्त्री सुरक्षा और समानता के प्रति होगा। मैं आत्मरक्षा के प्रशिक्षण को अनिवार्य करने और घरेलू हिंसा के खिलाफ कानूनी मदद को सुलभ बनाने के लिए कार्य करूँगा। सामाजिक स्तर पर ‘दहेज-मुक्त विवाह’ को प्रोत्साहित करूँगा।

    तीसरा क्षेत्र पर्यावरण और स्वच्छता होगा। ‘शून्य अपशिष्ट’ (Zero Waste) मॉडल को अपनाकर मैं हर नागरिक को वृक्षारोपण और जल संरक्षण से जोड़ूँगा। इसे सफल बनाने के लिए मैं स्थानीय युवाओं की समितियाँ बनाऊँगा जो डिजिटल माध्यमों से लोगों को जागरूक करेंगी।

    सुधार का मेरा तरीका केवल आदेश देना नहीं, बल्कि ‘स्वयं उदाहरण’ बनना होगा। जब समाज के लोग बदलाव का लाभ स्वयं देखेंगे, तो वे स्वतः ही इस आंदोलन का हिस्सा बनते चले जाएँगे। जन-भागीदारी ही किसी भी बड़े बदलाव की असली कुंजी है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)

    एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/

    See less
    • 171
  4. भारतीय ज्ञान परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता समन्वय और संतुलन है। हमारे वेदों, उपनिषदों और गीता में स्पष्ट कहा गया है कि जीवन केवल उपभोग के लिए नहीं, बल्कि साधना के लिए है। 'योगः कर्मसु कौशलम्' का अर्थ है कि अपने कार्यों को कुशलता और नैतिकता के साथ करना ही योग है। नैतिकता हमें सही और गलत का बोध कराती है,Read more

    भारतीय ज्ञान परंपरा की सबसे बड़ी विशेषता समन्वय और संतुलन है। हमारे वेदों, उपनिषदों और गीता में स्पष्ट कहा गया है कि जीवन केवल उपभोग के लिए नहीं, बल्कि साधना के लिए है। ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ का अर्थ है कि अपने कार्यों को कुशलता और नैतिकता के साथ करना ही योग है।

    नैतिकता हमें सही और गलत का बोध कराती है, जिससे समाज में व्यवस्था बनी रहती है। अध्यात्म हमें आंतरिक शांति और धैर्य प्रदान करता है, जो आज के तनावपूर्ण जीवन में अत्यंत आवश्यक है। वहीं, व्यावहारिक ज्ञान हमें संसार में सफलता प्राप्त करने और अपनी आजीविका चलाने में सक्षम बनाता है।

    श्रीमद्भगवद्गीता के अनुसार, जो व्यक्ति अति भोग और अति त्याग के बीच ‘मध्यम मार्ग’ अपनाता है, वही सुखी रहता है। जिस प्रकार एक पक्षी को उड़ने के लिए दो पंखों की आवश्यकता होती है, वैसे ही मनुष्य को उन्नति के लिए भौतिक प्रगति (व्यावहारिक) और मानसिक पवित्रता (आध्यात्मिक) दोनों का संतुलन चाहिए। शिक्षक के साथ इस चर्चा का निष्कर्ष यही है कि मूल्यों के बिना सफलता अधूरी है और कर्म के बिना ज्ञान व्यर्थ है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)

    एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/

    See less
    • 193
  5. 'आम के आम गुठलियों के दाम' लोकोक्ति का अर्थ है दोहरा लाभ प्राप्त करना। जब हम अपने घर के बगीचे या विद्यालय में 'जैविक खाद' बनाने का प्रयास करते हैं, तो यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। सामान्यतः हम फल-सब्जियों के छिलकों और सूखे पत्तों को कचरा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन जब हम इनका उपयोग खाद बनाने में कRead more

    ‘आम के आम गुठलियों के दाम’ लोकोक्ति का अर्थ है दोहरा लाभ प्राप्त करना। जब हम अपने घर के बगीचे या विद्यालय में ‘जैविक खाद’ बनाने का प्रयास करते हैं, तो यह कहावत बिल्कुल सटीक बैठती है। सामान्यतः हम फल-सब्जियों के छिलकों और सूखे पत्तों को कचरा समझकर फेंक देते हैं, लेकिन जब हम इनका उपयोग खाद बनाने में करते हैं, तो हम कचरे का सदुपयोग कर उसे अनमोल संसाधन में बदल देते हैं।

    इससे एक ओर तो पर्यावरण की स्वच्छता बनी रहती है और दूसरी ओर हमें रसायनों से मुक्त, शुद्ध जैविक खाद प्राप्त होती है। इस प्रक्रिया में हमारा कोई अतिरिक्त व्यय नहीं होता, बल्कि घर के व्यर्थ सामान से ही पौधों के लिए ‘काला सोना’ तैयार हो जाता है। अतः कचरे का प्रबंधन और खाद की प्राप्ति वास्तव में दोहरा लाभ देने वाला एक सराहनीय प्रयास है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 2 क्या लिखूँ? Question Answer (2026-27)

    एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 2 क्या लिखूँ? समाधान – प्रश्न उत्तर, कठिन शब्द-उत्तर, सारांश तथा अभ्यास के सभी प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार संशोधित रूप में यहाँ दिए गए हैं।

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-2/

    See less
    • 193