Lost your password? Please enter your email address. You will receive a link and will create a new password via email.
We want to connect the people who have knowledge to the people who need it, to bring together people with different perspectives so they can understand each other better, and to empower everyone to share their knowledge.
इस यात्रा-वृत्तांत में कन्याकुमारी में स्थित चट्टान को आखिरी चट्टान कहा गया है। पुस्तकालय या अन्य स्रोतों तथा समाज विज्ञान के अपने शिक्षक से बातचीत करके पता लगाइए कि वर्तमान समय में भारत का अंतिम छोर (दक्षिणतम बिंदु) किसे माना जाता है। उस स्थान के विषय में लिखिए।
भौगोलिक दृष्टि से भारत के दो दक्षिणतम छोर माने जाते हैं: मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु: भारत के स्थल-भाग का अंतिम छोर तमिलनाडु राज्य का 'कन्याकुमारी' (केप कोमोरिन) ही है ()। संपूर्ण भारत संघ का दक्षिणतम बिंदु: भारतीय सीमा का सबसे अंतिम सुदूर दक्षिणतम सिरा 'इंदिरा पॉइंट' (Indira Point) है, जो ग्रेट निRead more
भौगोलिक दृष्टि से भारत के दो दक्षिणतम छोर माने जाते हैं:
मुख्य भूमि का दक्षिणतम बिंदु: भारत के स्थल-भाग का अंतिम छोर तमिलनाडु राज्य का ‘कन्याकुमारी’ (केप कोमोरिन) ही है ()।
संपूर्ण भारत संघ का दक्षिणतम बिंदु: भारतीय सीमा का सबसे अंतिम सुदूर दक्षिणतम सिरा ‘इंदिरा पॉइंट’ (Indira Point) है, जो ग्रेट निकोबार द्वीप पर स्थित है ()। इसे पूर्व में ‘पिग्मेलियन पॉइंट’ भी कहा जाता था। वर्ष 2004 में आई भयानक सुनामी के दौरान इसका एक बड़ा तटीय हिस्सा समुद्र में जलमग्न हो गया था।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)
See lesshttps://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/
इंटरनेट या अन्य किन्हीं माध्यमों से पता लगाइए कि आखिरी चट्टान में वर्णित कन्याकुमारी के विवेकानंद स्मारक चट्टान के स्वरूप में किस प्रकार का विस्तार हुआ है? (संकेत— तिरुवल्लुवर की प्रतिमा इत्यादि)
जिस समय मोहन राकेश ने यात्रा की थी, उस समय वह केवल एक प्राकृतिक एकांत चट्टान थी जहाँ स्वामी विवेकानंद ने साधना की थी। बाद में एकनाथ रानाडे के प्रयासों से वर्ष 1970 में वहाँ भव्य 'विवेकानंद रॉक मेमोरियल' का निर्माण हुआ, जिसमें सभा मंडप और ध्यान मंडप बनाए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2000 में स्मारक के समीRead more
जिस समय मोहन राकेश ने यात्रा की थी, उस समय वह केवल एक प्राकृतिक एकांत चट्टान थी जहाँ स्वामी विवेकानंद ने साधना की थी। बाद में एकनाथ रानाडे के प्रयासों से वर्ष 1970 में वहाँ भव्य ‘विवेकानंद रॉक मेमोरियल’ का निर्माण हुआ, जिसमें सभा मंडप और ध्यान मंडप बनाए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2000 में स्मारक के समीप ही स्थित दूसरी बड़ी चट्टान पर महान तमिल दार्शनिक एवं कवि संत तिरुवल्लुवर की 133 फुट ऊँची गगनचुंबी पाषाण प्रतिमा स्थापित की गई (जो उनके महाग्रंथ ‘तिरुक्कुरल’ के 133 अध्यायों का प्रतीक है)। वर्तमान में आधुनिक नौका सेवा (फेरी) द्वारा दोनों स्थलों को पर्यटन व सांस्कृतिक केंद्र के रूप में जोड़ दिया गया है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/
See lessकिसी भी स्थानीय शिल्पकार से बात करके निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी संगृहीत कीजिए। यह कार्य दो-दो के जोड़े में कीजिए— शिल्प का नाम , यह कार्य कब से कर रहे हैं? इसका प्रशिक्षण कहाँ से लिया? शिल्प निर्माण में घर की महिलाओं की साझेदारी, प्रयुक्त सामग्री, तकनीक, लागत और विपणन, औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण
स्थानीय कुंभकार (मूर्तिकार) से बातचीत पर आधारित प्रतिवेदन: शिल्प का नाम: मृत्तिका शिल्प (मिट्टी के बर्तन, दीपक व मूर्तियाँ)। कार्य अवधि व प्रशिक्षण: वे यह कार्य लगभग 25 वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने इसका व्यावहारिक हुनर अपने पूर्वजों और पिता से सीखा; कोई औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण नहीं लिया। महिलाओRead more
स्थानीय कुंभकार (मूर्तिकार) से बातचीत पर आधारित प्रतिवेदन:
शिल्प का नाम: मृत्तिका शिल्प (मिट्टी के बर्तन, दीपक व मूर्तियाँ)।
कार्य अवधि व प्रशिक्षण: वे यह कार्य लगभग 25 वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने इसका व्यावहारिक हुनर अपने पूर्वजों और पिता से सीखा; कोई औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण नहीं लिया।
महिलाओं की भूमिका: घर की महिलाएँ मिट्टी छानने, सुखाने, गूँथने, बर्तनों पर पारंपरिक चित्रकारी करने और उन्हें पकाने के लिए भट्ठी तैयार करने में बराबर की भागीदारी निभाती हैं।
सामग्री, तकनीक व लागत: चिकनी मिट्टी, प्राकृतिक रंग और पारंपरिक चाक मुख्य साधन हैं। लागत कम होती है, किंतु शारीरिक श्रम अत्यधिक लगता है।
विपणन: तैयार उत्पाद स्थानीय हाट-बाज़ार, मेलों और त्योहारों (जैसे दीपावली) में सीधे ग्राहकों को बेचे जाते हैं।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/
See lessहस्तशिल्प कला को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी इकट्ठा कीजिए और अपनी कक्षा में उस पर चर्चा कीजिए।
पारंपरिक हस्तशिल्प और कारीगरों के संरक्षण हेतु सरकार अनेक ठोस योजनाएँ चला रही है: वित्तीय सहायता व प्रशिक्षण: 'पीएम विश्वकर्मा योजना' के अंतर्गत पारंपरिक कारीगरों को पहचान-पत्र, कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, टूलकिट और कम ब्याज दर पर आसान ऋण दिया जा रहा है। बाज़ार की उपलब्धता: 'हुनर हाट' और 'सरस आजीविका मेलRead more
पारंपरिक हस्तशिल्प और कारीगरों के संरक्षण हेतु सरकार अनेक ठोस योजनाएँ चला रही है:
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/
See lessऐसे साथियों को अगर किसी यात्रा पर जाना हो तो उनके समक्ष किस प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं?
विशेष आवश्यकता वाले साथियों (दिव्यांगजन) को यात्रा के दौरान निम्नलिखित गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है: आवागमन में बाधा: बस, ट्रेन या नौका में व्हीलचेयर ले जाने के लिए रैंप, लिफ्ट और चौड़े दरवाजों का अभाव रहता है। अनुकूल सुविधाओं की कमी: होटलों, पर्यटन स्थलों और रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांग-अनुRead more
विशेष आवश्यकता वाले साथियों (दिव्यांगजन) को यात्रा के दौरान निम्नलिखित गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है:
आवागमन में बाधा: बस, ट्रेन या नौका में व्हीलचेयर ले जाने के लिए रैंप, लिफ्ट और चौड़े दरवाजों का अभाव रहता है।
अनुकूल सुविधाओं की कमी: होटलों, पर्यटन स्थलों और रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों व विश्राम कक्षों की भारी कमी होती है।
सूचना का अभाव: दृष्टिबाधित साथियों के लिए ब्रेल लिपि या ऑडियो घोषणाओं तथा मूक-बधिर साथियों के लिए सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) गाइड उपलब्ध नहीं होते।
सुरक्षा व संवेदनहीनता: भीड़भाड़ में दुर्घटना का भय और समाज में सहानुभूति के स्थान पर संवेदनशीलता की कमी उन्हें मानसिक रूप से असहज करती है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/
See less