Lost your password? Please enter your email address. You will receive a link and will create a new password via email.
We want to connect the people who have knowledge to the people who need it, to bring together people with different perspectives so they can understand each other better, and to empower everyone to share their knowledge.
गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का घोतक है? (क) स्वाभिमान (ख) अहिंसा (ग) पराधीनता (घ) अन्याय की रक्षा
मोती का चरित्र अधिक उग्र और स्वाभिमानी है। गया द्वारा निरंतर प्रताड़ित किए जाने और हीरा पर हुए प्रहार ने उसके धैर्य की सीमा तोड़ दी । वह केवल एक पशु की तरह मार नहीं खाना चाहता था, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने की इच्छा रखता था । उसका यह आक्रोश यह स्पष्ट करता है कि स्वाभिमानी जीव पराधीनता और क्रूरतRead more
मोती का चरित्र अधिक उग्र और स्वाभिमानी है। गया द्वारा निरंतर प्रताड़ित किए जाने और हीरा पर हुए प्रहार ने उसके धैर्य की सीमा तोड़ दी । वह केवल एक पशु की तरह मार नहीं खाना चाहता था, बल्कि ईंट का जवाब पत्थर से देने की इच्छा रखता था । उसका यह आक्रोश यह स्पष्ट करता है कि स्वाभिमानी जीव पराधीनता और क्रूरता को मूक होकर स्वीकार नहीं करते, बल्कि अपनी गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष करते हैं ।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See lessकहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किस लिए किया? (क) कहानी को रोचक बनाने के लिए (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए (ग) संवादों को छोटा रखने के लिए (घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
लेखक ने मूक-भाषा के माध्यम से हीरा और मोती को केवल जानवर न मानकर बुद्धिमान पात्रों के रूप में स्थापित किया है । यह भाषा उनके बीच के भाईचारे, सहानुभूति और रणनीतिक विमर्श को व्यक्त करती है । इसके द्वारा प्रेमचंद ने यह सिद्ध किया है कि वाणी न होने के बावजूद पशुओं में आत्मिक शक्ति होती है, जिससे वे मनुषRead more
लेखक ने मूक-भाषा के माध्यम से हीरा और मोती को केवल जानवर न मानकर बुद्धिमान पात्रों के रूप में स्थापित किया है । यह भाषा उनके बीच के भाईचारे, सहानुभूति और रणनीतिक विमर्श को व्यक्त करती है । इसके द्वारा प्रेमचंद ने यह सिद्ध किया है कि वाणी न होने के बावजूद पशुओं में आत्मिक शक्ति होती है, जिससे वे मनुष्य की तुलना में श्रेष्ठता का दावा कर सकते हैं और जटिल परिस्थितियों में एकजुट होकर निर्णय ले सकते हैं ।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“मोती ने मूक-भाषा में कहा— अब तो नहीं सहा जाता, हीरा!” “कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है” इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
प्रेमचंद ने हीरा और मोती के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बिना संघर्ष के स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। जब बैलों को काँजीहौस में कैद किया गया, जहाँ उन्हें भूखा रखकर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, तब उन्होंने अपनी पूरी शक्ति लगाकर दीवार तोड़ दी। इसी प्रकार, जब एक विशाल साँड़ ने उन पर हमला किया, तो उन्हRead more
प्रेमचंद ने हीरा और मोती के माध्यम से यह संदेश दिया है कि बिना संघर्ष के स्वतंत्रता प्राप्त नहीं होती। जब बैलों को काँजीहौस में कैद किया गया, जहाँ उन्हें भूखा रखकर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, तब उन्होंने अपनी पूरी शक्ति लगाकर दीवार तोड़ दी। इसी प्रकार, जब एक विशाल साँड़ ने उन पर हमला किया, तो उन्होंने भागने के बजाय एकजुट होकर उसका सामना किया। ये घटनाएँ दर्शाती हैं कि जीवन में जब मान-सम्मान और अस्तित्व पर खतरा मंडराता है, तब चुपचाप सहने के बजाय साहसपूर्वक लड़ना ही एकमात्र विकल्प बचता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है कैसे? (संकेत—वे क्यों लौट आए, उनके और झूरी के मन में कौन-कौन से भाव रहे होंगे, क्या वास्तविक जीवन में भी ऐसा होता है आदि।)
गाँव के इतिहास में यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह पशुओं की संवेदनशीलता और उनकी घर लौटने की अदम्य इच्छा को प्रकट करती है। झूरी ने जब उन्हें देखा, तो उसकी आँखों में स्नेह के आँसू थे, जो उनके बीच के गहरे आत्मिक संबंध को दर्शाते हैं। वास्तविक जीवन में भी देखा जाता है कि पालतू पशु अपने पुराने मालRead more
गाँव के इतिहास में यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि यह पशुओं की संवेदनशीलता और उनकी घर लौटने की अदम्य इच्छा को प्रकट करती है। झूरी ने जब उन्हें देखा, तो उसकी आँखों में स्नेह के आँसू थे, जो उनके बीच के गहरे आत्मिक संबंध को दर्शाते हैं। वास्तविक जीवन में भी देखा जाता है कि पालतू पशु अपने पुराने मालिकों को याद रखते हैं। यह घटना साधारण पलायन नहीं, बल्कि पराधीनता के विरुद्ध एक सफल संघर्ष था। बैलों का यह समर्पण और झूरी का वात्सल्य भाव इस घटना को मानवीय भावनाओं से ओत-प्रोत और अत्यंत प्रेरणादायक बनाता है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी”, “अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है”- क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
यदि हीरा और मोती गया के डंडे चुपचाप सहते रहते, तो वह उन पर और अधिक क्रूरता करता। जब मोती ने हल लेकर भागने और बाद में विद्रोह करने का निश्चय किया, तभी गया को उनकी शक्ति का अहसास हुआ। समाज में भी जब लोग अन्याय के विरुद्ध आवाज नहीं उठाते, तो व्यवस्था और अधिक भ्रष्ट हो जाती है। चुप रहना अत्याचारी को मौनRead more
यदि हीरा और मोती गया के डंडे चुपचाप सहते रहते, तो वह उन पर और अधिक क्रूरता करता। जब मोती ने हल लेकर भागने और बाद में विद्रोह करने का निश्चय किया, तभी गया को उनकी शक्ति का अहसास हुआ। समाज में भी जब लोग अन्याय के विरुद्ध आवाज नहीं उठाते, तो व्यवस्था और अधिक भ्रष्ट हो जाती है। चुप रहना अत्याचारी को मौन स्वीकृति देने जैसा है। इसलिए, अपनी सुरक्षा और गरिमा के लिए संघर्ष करना अनिवार्य है। हीरा-मोती का विद्रोह यह सिखाता है कि दासता की बेड़ियाँ तभी टूटती हैं जब सहने की शक्ति साहस में बदल जाती है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less