Ayushree
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“बिल्कुल ठेठ गँवई अंदाज में यह मंगलागौर का उत्सव मनाया जाता है, मगर आहिस्ता-आहिस्ता वह भी अब खत्म हो रहा है।” पाठ में आपने पढ़ा कि लता मंगेशकर के बचपन से अब तक उत्सवों से जुड़ी अनेक परंपराएँ बदल रही हैं। कौन-कौन सी परंपराएँ बदल गई हैं? अपने घर-परिवार में बातचीत करके पता लगाइए कि विभिन्न त्योहारों को मनाने के तरीकों में कौन-कौन से बदलाव आ रहे हैं?

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त्योहारों में सामूहिक लोकगीत, घर में पारंपरिक पकवान बनाना और पड़ोसियों से आत्मीय मिलना कम हो गया है। अब इनकी जगह बाज़ार की मिठाइयों, लाउडस्पीकर और डिजिटल शुभकामना संदेशों ने ले ली है।

Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

ऐसी भी बातें होती हैं – अतिरिक्त प्रश्न एवं उत्तर

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  1. परिवार में चर्चा करने पर ज्ञात हुआ कि आधुनिक जीवनशैली के कारण त्योहारों के पारंपरिक स्वरूप में बड़ा बदलाव आया है:

    पारस्परिक मेलजोल की कमी: पहले होली-दीवाली पर लोग घर-घर जाकर मिलते थे और मोहल्ले की महिलाएँ मिलकर लोकगीत गाती थीं, जो अब सोशल मीडिया संदेशों तक सिमट गया है।

    कृत्रिमता का बढ़ना: घरों में प्रेम से बनने वाले पारंपरिक पकवानों का स्थान बाज़ार की रेडीमेड मिठाइयों ने ले लिया है।

    प्रदूषण और दिखावा: सादगीपूर्ण आयोजनों की जगह तेज़ डीजे, रासायनिक रंगों और पटाखों के दिखावे ने ले ली है, जिससे पर्वों की मौलिक आत्मीयता कम हो रही है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 4 Aisi Bhi Baatein Hoti Hain (ऐसी भी बातें होती हैं) Question Answer (2026-27)

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-4/

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