Ayushree
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किसी भी स्थानीय शिल्पकार से बात करके निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी संगृहीत कीजिए। यह कार्य दो-दो के जोड़े में कीजिए— शिल्प का नाम , यह कार्य कब से कर रहे हैं? इसका प्रशिक्षण कहाँ से लिया? शिल्प निर्माण में घर की महिलाओं की साझेदारी, प्रयुक्त सामग्री, तकनीक, लागत और विपणन, औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण

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शिल्प: मिट्टी के बर्तन व कलाकृतियाँ (कुंभकारी)।

विवरण: यह कार्य वे 25 वर्षों से कर रहे हैं, जो उन्होंने पारिवारिक परंपरा से सीखा। इसमें महिलाएँ मिट्टी गूँथने व रंगाई में हाथ बँटाती हैं। चाक द्वारा निर्मित उत्पाद स्थानीय मेलों व बाज़ारों में बेचे जाते हैं।

Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 आखिरी चट्टान तक Solutions

Chapter 5 आखिरी चट्टान तक Question Answer

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  1. स्थानीय कुंभकार (मूर्तिकार) से बातचीत पर आधारित प्रतिवेदन:

    शिल्प का नाम: मृत्तिका शिल्प (मिट्टी के बर्तन, दीपक व मूर्तियाँ)।

    कार्य अवधि व प्रशिक्षण: वे यह कार्य लगभग 25 वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने इसका व्यावहारिक हुनर अपने पूर्वजों और पिता से सीखा; कोई औपचारिक संस्थागत प्रशिक्षण नहीं लिया।

    महिलाओं की भूमिका: घर की महिलाएँ मिट्टी छानने, सुखाने, गूँथने, बर्तनों पर पारंपरिक चित्रकारी करने और उन्हें पकाने के लिए भट्ठी तैयार करने में बराबर की भागीदारी निभाती हैं।

    सामग्री, तकनीक व लागत: चिकनी मिट्टी, प्राकृतिक रंग और पारंपरिक चाक मुख्य साधन हैं। लागत कम होती है, किंतु शारीरिक श्रम अत्यधिक लगता है।

    विपणन: तैयार उत्पाद स्थानीय हाट-बाज़ार, मेलों और त्योहारों (जैसे दीपावली) में सीधे ग्राहकों को बेचे जाते हैं।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/

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