Ayushree
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“अपने प्रयत्न की सार्थकता से संतुष्ट होकर मैं टीले पर बैठ गया” इस पंक्ति में ‘प्रयत्न की सार्थकता’ से क्या अभिप्राय है?

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इसका अभिप्राय यह है कि रेत पर लगातार चलते हुए अत्यधिक शारीरिक थकान के बाद भी जब लेखक को सबसे ऊँचे टीले से क्षितिज और सूर्यास्त का खुला मनोहारी विस्तार दिखा, तो उनका श्रम सफल सिद्ध हुआ।

हिंदी गंगा Chapter 5 आखिरी चट्टान तक Solutions

Class 9 हिंदी गंगा आखिरी चट्टान तक अध्याय 5 प्रश्न उत्तर

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  1. ‘प्रयत्न की सार्थकता’ का अर्थ है कठिन परिश्रम के बाद अभीष्ट लक्ष्य की प्राप्ति से मिलने वाला गहरा संतोष। लेखक सूर्यास्त का विस्तृत दृश्य देखने के लिए रेत में पाँव घसीटते हुए एक के बाद एक कई टीले चढ़ते गए। पैर थककर चूर हो चुके थे, किंतु मन हार मानने को तैयार नहीं था। जब वे अंतिम टीले पर पहुँचे और सामने रेत की ढलान तथा सागर का अबाध क्षितिज दिखाई दिया, तो उन्हें लगा कि उनका हर कदम और संघर्ष सफल हो गया है।

     

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