Ayushree
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“मैं कुछ देर भूला रहा कि मैं मैं ही हूँ।” यह कथन लेखक की किस मनःस्थिति को दर्शाता है? (क) मौन हो जाना (ख) विस्मित हो जाना (ग) भ्रमित हो जाना (घ) आशंकित होना

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सही उत्तर: (ख) विस्मित हो जाना

यह उत्तर सटीक है क्योंकि तीनों समुद्रों के संगम और हिंद महासागर के अनंत विस्तार की विराट शक्ति को देखकर लेखक आश्चर्यचकित हो गए और अपनी सुध-बुध खोकर प्रकृति में पूरी तरह लीन हो गए।

CBSE Class 9 हिंदी गंगा Chapter 5 aakhiri chattan tak समाधान

NCERT Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 प्रश्न उत्तर

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  1. यह कथन प्रकृति की असीम भव्यता के सम्मुख मनुष्य के विस्मित और आत्मविस्मृत हो जाने की स्थिति को प्रकट करता है। हिंद महासागर की गर्जना, तूफानी लहरों और क्षितिज के अंतहीन फैलाव को देखकर लेखक इतने अचंभित और मुग्ध हुए कि वे अपने सांसारिक अस्तित्व, यहाँ तक कि अपने एक यात्री होने के बोध को भी भूल गए। वे स्वयं को उस विराट प्राकृतिक दृश्य का ही एक छोटा-सा अंग मानने लगे, जो उनके गहरे विस्मय का परिचायक है।

     

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