Lost your password? Please enter your email address. You will receive a link and will create a new password via email.
We want to connect the people who have knowledge to the people who need it, to bring together people with different perspectives so they can understand each other better, and to empower everyone to share their knowledge.
“बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी”, “अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है”- क्या आप इस कथन से सहमत हैं? अपने उत्तर के कारण भी बताइए।
यदि हीरा और मोती गया के डंडे चुपचाप सहते रहते, तो वह उन पर और अधिक क्रूरता करता। जब मोती ने हल लेकर भागने और बाद में विद्रोह करने का निश्चय किया, तभी गया को उनकी शक्ति का अहसास हुआ। समाज में भी जब लोग अन्याय के विरुद्ध आवाज नहीं उठाते, तो व्यवस्था और अधिक भ्रष्ट हो जाती है। चुप रहना अत्याचारी को मौनRead more
यदि हीरा और मोती गया के डंडे चुपचाप सहते रहते, तो वह उन पर और अधिक क्रूरता करता। जब मोती ने हल लेकर भागने और बाद में विद्रोह करने का निश्चय किया, तभी गया को उनकी शक्ति का अहसास हुआ। समाज में भी जब लोग अन्याय के विरुद्ध आवाज नहीं उठाते, तो व्यवस्था और अधिक भ्रष्ट हो जाती है। चुप रहना अत्याचारी को मौन स्वीकृति देने जैसा है। इसलिए, अपनी सुरक्षा और गरिमा के लिए संघर्ष करना अनिवार्य है। हीरा-मोती का विद्रोह यह सिखाता है कि दासता की बेड़ियाँ तभी टूटती हैं जब सहने की शक्ति साहस में बदल जाती है।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
जब हीरा और मोती गया के घर पहुँचे, तो उनका मन विद्रोह से भरा हुआ था। वे झूरी के प्रति अटूट प्रेम रखते थे और उन्हें लगा कि उन्हें गया को बेचकर उनके साथ धोखा किया गया है। गया का व्यवहार भी प्रेमहीन और क्रूर था। पशु भी सम्मान और स्नेह की भाषा समझते हैं; जब उन्हें वह आत्मीयता नहीं मिली, तो उन्होंने अपनीRead more
जब हीरा और मोती गया के घर पहुँचे, तो उनका मन विद्रोह से भरा हुआ था। वे झूरी के प्रति अटूट प्रेम रखते थे और उन्हें लगा कि उन्हें गया को बेचकर उनके साथ धोखा किया गया है। गया का व्यवहार भी प्रेमहीन और क्रूर था। पशु भी सम्मान और स्नेह की भाषा समझते हैं; जब उन्हें वह आत्मीयता नहीं मिली, तो उन्होंने अपनी मूक भाषा में विरोध प्रकट किया। उन्होंने हल में पाँव न उठाने की कसम खा ली थी क्योंकि वे गया की अधीनता स्वीकार कर अपने स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुँचाना चाहते थे।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“जब पेट भर गया और दोनों ने आजादी का अनुभव किया….” हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।
यद्यपि कहानी में स्वतंत्रता का स्वर मुखर है, किंतु बैलों की मूल प्रेरणा ‘अपनापन’ ही थी। वे गया के घर से इसलिए नहीं भागे कि वे काम नहीं करना चाहते थे, बल्कि इसलिए भागे क्योंकि उन्हें वहाँ परायापन और अपमान महसूस हुआ। झूरी के पास उन्हें सूखी घास भी मिलती थी, तो वे प्रसन्न रहते थे क्योंकि वहाँ उन्हें स्Read more
यद्यपि कहानी में स्वतंत्रता का स्वर मुखर है, किंतु बैलों की मूल प्रेरणा ‘अपनापन’ ही थी। वे गया के घर से इसलिए नहीं भागे कि वे काम नहीं करना चाहते थे, बल्कि इसलिए भागे क्योंकि उन्हें वहाँ परायापन और अपमान महसूस हुआ। झूरी के पास उन्हें सूखी घास भी मिलती थी, तो वे प्रसन्न रहते थे क्योंकि वहाँ उन्हें स्नेह मिलता था। अंत में भी वे काँजीहौस से भागकर किसी जंगल में नहीं गए, बल्कि वापस झूरी के थान पर आए। इससे सिद्ध होता है कि प्रेम और अपनेपन की तलाश ही उनके संघर्ष की मुख्य शक्ति थी।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“उसी समय मालकिन ने आकर दोनों के माथे चूम लिए” कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
मालकिन और छोटी लड़की के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर है। मालकिन बैलों को केवल काम करने वाली मशीन समझती थीं, इसलिए उनके भागकर आने पर उन्हें गुस्सा आया। इसके विपरीत, छोटी लड़की खुद माँ के वियोग का दुख झेल रही थी, इसलिए उसने बैलों की भूख और पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा। वह उन्हें चुपके से रोटियाँ खिलातीRead more
मालकिन और छोटी लड़की के व्यवहार में जमीन-आसमान का अंतर है। मालकिन बैलों को केवल काम करने वाली मशीन समझती थीं, इसलिए उनके भागकर आने पर उन्हें गुस्सा आया। इसके विपरीत, छोटी लड़की खुद माँ के वियोग का दुख झेल रही थी, इसलिए उसने बैलों की भूख और पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा। वह उन्हें चुपके से रोटियाँ खिलाती थी। जहाँ मालकिन का दृष्टिकोण अधिकारवादी और संकीर्ण था, वहीं छोटी लड़की का व्यवहार निस्वार्थ प्रेम और करुणा पर आधारित था। हालांकि, अंत में मालकिन का हृदय भी बैलों के घर लौटने पर स्नेह से भर गया और उन्होंने उनके माथे चूम लिए।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less“बहुत दिनों साथ रहते-रहते दोनों में भाईचारा हो गया था।” हीरा और मोती अच्छे मित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? कम से कम तीन बिंदु लिखिए।
उनकी घनिष्ठता तीन प्रमुख घटनाओं से स्पष्ट होती है: प्रथम, नाँद में चारा खाते समय वे हमेशा एक साथ मुँह डालते और निकालते थे। द्वितीय, जब साँड़ ने हमला किया, तो दोनों ने मिलकर संगठित होकर उसे परास्त किया। तृतीय, काँजीहौस में जब हीरा को मोटी रस्सी से बाँध दिया गया, तो मोती उसे अकेला छोड़कर भाग सकता था,Read more
उनकी घनिष्ठता तीन प्रमुख घटनाओं से स्पष्ट होती है: प्रथम, नाँद में चारा खाते समय वे हमेशा एक साथ मुँह डालते और निकालते थे। द्वितीय, जब साँड़ ने हमला किया, तो दोनों ने मिलकर संगठित होकर उसे परास्त किया। तृतीय, काँजीहौस में जब हीरा को मोटी रस्सी से बाँध दिया गया, तो मोती उसे अकेला छोड़कर भाग सकता था, लेकिन वह भी वहीं रुक गया और अंत में दोनों साथ ही नीलाम हुए। ये घटनाएँ प्रमाणित करती हैं कि उनकी मित्रता केवल साथ रहने तक सीमित नहीं थी, बल्कि वे एक-दूसरे के लिए प्राण देने को तत्पर थे।
For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 1 दो बैलों की कथा Question Answer (2026-27)
एनसीईआरटी कक्षा 9 हिंदी गंगा अध्याय 1 दो बैलों की कथा समाधान – प्रश्न उत्तर, सारांश, महत्वपूर्ण प्रश्न तथा अभ्यास के प्रश्नों के हल – सत्र 2026-27 के अनुसार यहाँ से प्राप्त किए जा सकते हैं।
https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-1/
See less