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अभ्यास करने का अर्थ होता है- NIOS Class 10 Hindi Chapter 2
(ग) अभ्यास करने का अर्थ होता है निरंतर कार्य करके उसमें कुशलता पाना।
(ग) अभ्यास करने का अर्थ होता है निरंतर कार्य करके उसमें कुशलता पाना।
See lessहिंदी की किस उपभाषा को संविधाान की आठवीं अनुसूची में स्वतंत्र भाषा का दर्जा प्राप्त है? NIOS Class 10 Hindi Chapter 2
(ग) हिंदी की मैथिली उपभाषा को संविधाान की आठवीं अनुसूची में स्वतंत्रा भाषा का दर्जा प्राप्त है।
(ग) हिंदी की मैथिली उपभाषा को संविधाान की आठवीं अनुसूची में स्वतंत्रा भाषा का दर्जा प्राप्त है।
See lessनिम्नलिखित दोहे का भाव स्पष्ट करते हुए अपनी टिप्पणी कीजिएः निंदक नियरे राखिए, आँगन कुटी छवाय। बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करत सुभाय।।
यह दोहा हमें सिखाता है कि आलोचना और निंदा को नकारात्मक रूप से नहीं, बल्कि सकारात्मक रूप से ग्रहण करना चाहिए। आलोचक हमें हमारे अंदर मौजूद कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का मौका देते हैं। जैसे दर्पण हमारा प्रतिबिंब दिखाकर हमें सुंदर बनाने में मदद करता है, वैसे ही आलोचक भी हमारे चरित्र को निखारनRead more
यह दोहा हमें सिखाता है कि आलोचना और निंदा को नकारात्मक रूप से नहीं, बल्कि सकारात्मक रूप से ग्रहण करना चाहिए। आलोचक हमें हमारे अंदर मौजूद कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने का मौका देते हैं।
See lessजैसे दर्पण हमारा प्रतिबिंब दिखाकर हमें सुंदर बनाने में मदद करता है, वैसे ही आलोचक भी हमारे चरित्र को निखारने में सहायक होते हैं। हमें सदैव खुले विचारों वाले रहना चाहिए और आलोचना को आत्म-सुधार का साधन समझना चाहिए।
यह दोहा हमें सच्चे ज्ञान और विनम्रता का मार्ग दिखाता है।
गुरु कुम्हार सिष कुंभ है, गढि़-गढि़ काढ़ै खोट- पंक्ति में गढि़-गढि़ काढ़ै खोट का आशय स्पष्ट कीजिए। गुरु-शिष्य के संबंध का आदर्श रूप क्या है?
इस पंक्ति में, शिष्य को "कुंभ" (मिट्टी का घड़ा) और गुरु को "कुम्हार" (घड़ा बनाने वाला) के रूप में दर्शाया गया है। जैसे कुम्हार घड़े को बनाने के लिए मिट्टी को गढ़ता है, उसी प्रकार गुरु भी शिष्य को ज्ञान और अनुशासन देकर उसे एक बेहतर इंसान बनाता है। "गढि़-गढि़ काढ़ै खोट" का अर्थ है कि गुरु धीरे-धीरे, शRead more
इस पंक्ति में, शिष्य को “कुंभ” (मिट्टी का घड़ा) और गुरु को “कुम्हार” (घड़ा बनाने वाला) के रूप में दर्शाया गया है। जैसे कुम्हार घड़े को बनाने के लिए मिट्टी को गढ़ता है, उसी प्रकार गुरु भी शिष्य को ज्ञान और अनुशासन देकर उसे एक बेहतर इंसान बनाता है।
See less“गढि़-गढि़ काढ़ै खोट” का अर्थ है कि गुरु धीरे-धीरे, शिष्य के अंदर मौजूद खामियों और अवगुणों को दूर करता है। यह प्रक्रिया कठिन और धीमी हो सकती है, लेकिन गुरु धैर्य और प्रेम के साथ शिष्य को सही दिशा दिखाता है।
जो जल बाढ़ै नाव में, घर में बाढ़ै दाम।। दोऊ हाथ उलीचिए, यही सयानो काम।। – इस दोहे में धन के अर्थ में ‘दोऊ हाथ उलीचिए’ से क्या अभिप्राय है? NIOS Class 10 Hindi Chapter 2
इस दोहे में कबीर कहते हैं कि यदि नाव में पानी भरने लगे और घर में पैसे की अधिकता होने लगे, तो समझदारी इसी में है कि दोनों हाथों से उलीचना शुरू कर दीजिए। इस दोहे में धन के अर्थ में ‘दोऊ हाथ उलीचिए’ से अभिप्राय है कि समझदार व्यक्ति को अंजुरी भर-भर कर उसे बाहर कर देना चाहिए अर्थात् दान कर देना चाहिए, क्Read more
इस दोहे में कबीर कहते हैं कि यदि नाव में पानी भरने लगे और घर में पैसे की अधिकता होने लगे, तो समझदारी इसी में है कि दोनों हाथों से उलीचना शुरू कर दीजिए।
See lessइस दोहे में धन के अर्थ में ‘दोऊ हाथ उलीचिए’ से अभिप्राय है कि समझदार व्यक्ति को अंजुरी भर-भर कर उसे बाहर कर देना चाहिए अर्थात् दान कर देना चाहिए, क्योंकि धन की अधिकता अपने साथ ऐसी विकृतियाँ लेकर आती है, जिससे घर का विनाश होना निश्चित होता है।