Virat
  • 1

ऐसे साथियों को अगर किसी यात्रा पर जाना हो तो उनके समक्ष किस प्रकार की चुनौतियाँ आ सकती हैं?

  • 1

उन्हें सार्वजनिक वाहनों में चढ़ने-उतरने, रैंप व सुलभ शौचालयों की अनुपलब्धता, दृष्टिबाधितों के लिए स्पर्श-संकेतकों व ऑडियो गाइड के अभाव तथा भीड़भाड़ और सामाजिक संवेदनहीनता जैसी भारी भौतिक व मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

Class 9 हिंदी गंगा नई किताब के सभी अध्यायों का समाधान

Hindi Ganga आखिरी चट्टान तक Chapter 5 Question Answer

Share

1 Answer

  1. विशेष आवश्यकता वाले साथियों (दिव्यांगजन) को यात्रा के दौरान निम्नलिखित गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है:

    आवागमन में बाधा: बस, ट्रेन या नौका में व्हीलचेयर ले जाने के लिए रैंप, लिफ्ट और चौड़े दरवाजों का अभाव रहता है।

    अनुकूल सुविधाओं की कमी: होटलों, पर्यटन स्थलों और रेलवे स्टेशनों पर दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों व विश्राम कक्षों की भारी कमी होती है।

    सूचना का अभाव: दृष्टिबाधित साथियों के लिए ब्रेल लिपि या ऑडियो घोषणाओं तथा मूक-बधिर साथियों के लिए सांकेतिक भाषा (साइन लैंग्वेज) गाइड उपलब्ध नहीं होते।

    सुरक्षा व संवेदनहीनता: भीड़भाड़ में दुर्घटना का भय और समाज में सहानुभूति के स्थान पर संवेदनशीलता की कमी उन्हें मानसिक रूप से असहज करती है।

     

    For more NCERT Solutions of Class 9 Hindi Ganga Chapter 5 Aakhiri Chattan Tak (आखिरी चट्टान तक) Question Answer (2026-27)

    https://hindi.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-9/hindi/ganga-chapter-5/

    • 0
Leave an answer

Leave an answer

Browse