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लेखक ने सबसे अधिक महत्त्व किसे दिया है? NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
(घ) लेखक ने सबसे अधिक महत्त्व मानवता के प्रति समर्पण का दिया है।
(घ) लेखक ने सबसे अधिक महत्त्व मानवता के प्रति समर्पण का दिया है।
See lessपर कष्ट क्या पात्र की क्षमता देखकर आता है?- कहने का आशय है- NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
(ग) ‘‘पर कष्ट क्या पात्र की क्षमता देखकर आता है?- कहने का आशय है- कष्ट किसी भी व्यक्ति पर आ सकता है।
(ग) ‘‘पर कष्ट क्या पात्र की क्षमता देखकर आता है?- कहने का आशय है- कष्ट किसी भी व्यक्ति पर आ सकता है।
See lessचीखते-तड़पते रोगी को मदर मार्गरेट ने ‘कुछ नहीं, कुछ नहीं’ कहा क्योंकि वे- NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
(ग) चीखते-तड़पते रोगी को मदर मार्गरेट ने ‘कुछ नहीं, कुछ नहीं’ कहा क्योंकि वे- रोग से लड़ने की हिम्मत देना चाहती थी।
(ग) चीखते-तड़पते रोगी को मदर मार्गरेट ने ‘कुछ नहीं, कुछ नहीं’ कहा क्योंकि वे- रोग से लड़ने की हिम्मत देना चाहती थी।
See lessरॉबर्ट नर्सिंग होम में जाना लेखक के लिए क्यों यादगार बन गया? अपने विचार प्रस्तुत कीजिए। NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
रॉबर्ट नर्सिंग होम: लेखक के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रॉबर्ट नर्सिंग होम लेखक के लिए अनेक कारणों से यादगार बन गया। मदर टेरेसा से प्रेरणा: मदर टेरेसा के दर्शन, करुणा और त्याग ने लेखक को गहराई से प्रभावित किया। उनके सादगीपूर्ण जीवन और दूसरों की सेवा करने के जज्बे ने लेखक को प्रेरणा दी। वृद्धों के प्रतिRead more
रॉबर्ट नर्सिंग होम: लेखक के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव रॉबर्ट नर्सिंग होम लेखक के लिए अनेक कारणों से यादगार बन गया।
See lessमदर टेरेसा से प्रेरणा: मदर टेरेसा के दर्शन, करुणा और त्याग ने लेखक को गहराई से प्रभावित किया। उनके सादगीपूर्ण जीवन और दूसरों की सेवा करने के जज्बे ने लेखक को प्रेरणा दी।
वृद्धों के प्रति सहानुभूति: वृद्धों के जीवन को करीब से देखकर लेखक में उनके प्रति सहानुभूति और करुणा का भाव जागृत हुआ। उन्होंने जीवन के अंतिम पड़ाव में भी सकारात्मकता और आशा देखी।
जीवन-मृत्यु का चिंतन: मृत्यु के सामने खड़े इन इंसानों को देखकर लेखक जीवन और मृत्यु के बारे में गहन चिंतन करने पर मजबूर हुए। यह अनुभव उनके लिए जीवन के मूल्य को समझने का मौका बना।
आत्म-अवलोकन: मदर टेरेसा और वृद्धों के साथ बातचीत ने लेखक को अपने जीवन और मूल्यों का मूल्यांकन करने पर प्रेरित किया। यह आत्म-अवलोकन उनके लिए आत्म-विकास का मार्ग बना।
रॉबर्ट नर्सिंग होम के डॉक्टर ने कहा, मदर तुम हँसी बिखेरती जो हो। आशय स्पष्ट कीजिए। NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
डॉक्टर का कथन "मदर तुम हँसी बिखेरती जो हो" मदर के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को दर्शाता है। हँसी का प्रतीक: मदर केवल हँसने वाली ही नहीं थीं बल्कि वे जहाँ भी जाती थीं खुशी और सकारात्मकता ले जाती थीं। उनकी उपस्थिति लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देती थी। दुःखों को मिटाने वाली: नर्सिंग होम में रहने वाले लRead more
डॉक्टर का कथन “मदर तुम हँसी बिखेरती जो हो” मदर के व्यक्तित्व और उनके प्रभाव को दर्शाता है।
See lessहँसी का प्रतीक: मदर केवल हँसने वाली ही नहीं थीं बल्कि वे जहाँ भी जाती थीं खुशी और सकारात्मकता ले जाती थीं। उनकी उपस्थिति लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला देती थी।
दुःखों को मिटाने वाली: नर्सिंग होम में रहने वाले लोग अक्सर दुःखी और निराश रहते हैं। मदर अपनी हँसी और प्यार से उनके दुःखों को कम करती थीं और उन्हें जीने की उम्मीद देती थी।
जीवन में प्रेरणा: मदर के हँसते हुए चेहरे और सकारात्मक दृष्टिकोण से लोगों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती थी। वे सीखते थे कि कठिन परिस्थितियों में भी हँसना और खुश रहना संभव है।