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काम यों कि मशीन मात माने का आशय है- NIOS Class 10 Hindi Chapter 5
(घ) ‘काम यों कि मशीन मात माने’ का आशय है मशीनों से भी तेज़ काम करना।
(घ) ‘काम यों कि मशीन मात माने’ का आशय है मशीनों से भी तेज़ काम करना।
See lessमैथिलीशरण गुप्त की एक अन्य कविता की नीचे लिखी पंक्तियों का अर्थ लिखिए। बताइए ये पंक्तियाँ कविता की किन पंक्तियों से मिलती जुलती हैं? नर हो न निराश करो मन को। कुछ काम करो, कुछ काम करो। जग में रहकर कुछ नाम करो।। यह जन्म हुआ किस अर्थ अहो, समझो जिससे यह व्यर्थ न हो। NIOS Class 10 Hindi Chapter 4
इस कविता में जीवन के संघर्षों से निराश हो चुके लोगों से कवि कहते हैं- अपने मन को निराश मत करो। कुछ काम करो। कुछ ऐसा काम करो जिससे इस विश्व में नाम हो। तुम्हारे जीवन का क्या उद्देश्य है उसे समझो। बैठे बैठे अपने जीवन की यूं ना गवाओ। अच्छा काम हमेश लाभ ही पहुँचाता है। निराश होकर यूं ना बैठो बल्कि और सपRead more
इस कविता में जीवन के संघर्षों से निराश हो चुके लोगों से कवि कहते हैं- अपने मन को निराश मत करो। कुछ काम करो। कुछ ऐसा काम करो जिससे इस विश्व में नाम हो। तुम्हारे जीवन का क्या उद्देश्य है उसे समझो। बैठे बैठे अपने जीवन की यूं ना गवाओ। अच्छा काम हमेश लाभ ही पहुँचाता है। निराश होकर यूं ना बैठो बल्कि और सपनों की दुनिया से बाहर निकालो और कुछ काम करो।
See lessये पंक्तियाँ कविता की प्रथम चार पंक्तियों से मिलती जुलती हैं।
विविध सुमनों की एक माला से क्या तात्पर्य है और यह उदाहरण क्यों दिया गया है? NIOS Class 10 Hindi Chapter 4
कवि कहना चाहता है कि इन आधारों पर भिन्नता एकता के मार्ग में बाधक नहीं है। हम एक देश के होने के नाते एक हो सकते हैं। इसी तरह वह कहता है कि क्या अलग-अलग प्रकार के फूलों को इकट्ठा करके एक माला नहीं बनाई जा सकती? आशय है, बनाई जा सकती है। जिस प्रकार यह हो सकता है, वैसे ही हम सब भी एक हो सकते हैं।
कवि कहना चाहता है कि इन आधारों पर भिन्नता एकता के मार्ग में बाधक नहीं है। हम एक देश के होने के नाते एक हो सकते हैं। इसी तरह वह कहता है कि क्या अलग-अलग प्रकार के फूलों को इकट्ठा करके एक माला नहीं बनाई जा सकती? आशय है, बनाई जा सकती है। जिस प्रकार यह हो सकता है, वैसे ही हम सब भी एक हो सकते हैं।
See lessकवि देशवासियों का आह्वान कर उनसे क्या आशा करता है?
इस अंश में कवि कहता है- देशवासियो! माना कि हम अलग-अलग जातियों व संप्रदायों से जुड़े हुए हैं, पर भारत के नागरिक होने के नाते हम सब भाई-भाई हैं। इसलिए आओ, सब मिलकर देश को एकता के सूत्रा में बाँधो और सुख-शांतिमय उद्देश्य को पूरा करने के लिए काम करें। सुख कैसे मिलेगा? आज़ादी से। शांति कैसे आएगी? गरीबी दRead more
इस अंश में कवि कहता है- देशवासियो! माना कि हम अलग-अलग जातियों व संप्रदायों से जुड़े हुए हैं, पर भारत
See lessके नागरिक होने के नाते हम सब भाई-भाई हैं। इसलिए आओ, सब मिलकर देश को एकता के सूत्रा में बाँधो और सुख-शांतिमय उद्देश्य को पूरा करने के लिए काम करें। सुख कैसे मिलेगा? आज़ादी से। शांति कैसे आएगी? गरीबी दूर होने से। गरीबी दूर कैसे होगी? गरीबी दूर होगी अपना शासन स्थापित करके। इसके लिए हमें एक होकर संघर्ष करना पड़ेगा। समृद्धि और शांति लाने के लिए आओ, हम मिलजुल कर कठिन परिश्रम करें। कवि कुछ प्रश्नों के रूप में देश की जनता को एक होने के लिए कहता है। वह पूछता है कि क्या हम लोगों की जाति, धर्म, संप्रदाय अलग-अलग होने पर भी हम एक नहीं हो सकते? कवि कहना चाहता है कि इन आधारों पर भिन्नता एकता के मार्ग में बाधाक नहीं है। हम एक देश के होने के नाते एक हो सकते हैं।
पाठ पौरुष का पढ़ो कथन से कवि का क्या आशय है? NIOS Class 10 Hindi Chapter 4
अगर अपने दुखों से मुक्ति पाना चाहते हो तो उठो और सफलता की चोटी छूने के लिए चल पड़ो। सफलता पाने अर्थात् जीवन में कुछ सार्थक या अच्छा काम करने के लिए चलना ही पड़ता है, परिश्रम करना ही पड़ता है। अब भाग्य के बदलने या परिस्थितियाँ सुधाारने की प्रतीक्षा में बैठे रहना छोड़ो। केवल कर्म या पुरुषार्थ के मार्गRead more
अगर अपने दुखों से मुक्ति पाना चाहते हो तो उठो और सफलता की चोटी छूने के लिए चल पड़ो। सफलता पाने अर्थात्
See lessजीवन में कुछ सार्थक या अच्छा काम करने के लिए चलना ही पड़ता है, परिश्रम करना ही पड़ता है। अब भाग्य के बदलने या परिस्थितियाँ सुधाारने की प्रतीक्षा में बैठे रहना छोड़ो। केवल कर्म या पुरुषार्थ के मार्ग पर चलो क्योंकि परिस्थितियाँ अपने आप नहीं बदलतीं, उन्हें मनुष्य अपने उद्यम से बदलता है। भारतीयों के मन में फैली हुई निराशा और आलसीपन को देखकर कवि को दुख होता है। देशवासियों का उद्बोधन करते हुए कवि एक उदाहरण देते हुए कहता है- तुम जानते हो कि सामने रखा निवाला भी अपने-आप मुँह में नहीं जाता, उसके लिए प्रयास करना पड़ता है यानी हाथ बढ़ाकर उसे उठाना होता है।