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  1. The highest urban body in cities with populations above 10 lakhs is the Municipal Corporation. It governs city development, provides essential services, and manages infrastructure like water supply, sanitation, waste management, and urban planning. For more visit here: https://www.tiwariacademy.com/Read more

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  2. (ख) बचेंद्री का पर्वतारोही बनने का संकल्प लड़की होने के कारण उपेक्षा से मज़बूत हुआ।

    (ख) बचेंद्री का पर्वतारोही बनने का संकल्प लड़की होने के कारण उपेक्षा से मज़बूत हुआ।

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  3. कल्पना चावला को घर के लोगों ने एरोनॉटिकल इन्जीनियरिंग पढ़ने से मना किया और दोस्तों ने भी उसका मजाक उड़ाया इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं: लैंगिक रूढ़िवादिता: उस समय, विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को पुरुषों के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता था। सामाजिक दबाव: परिवार या समुदाय के सदस्यों ने उन्हेRead more

    कल्पना चावला को घर के लोगों ने एरोनॉटिकल इन्जीनियरिंग पढ़ने से मना किया और दोस्तों ने भी उसका मजाक उड़ाया इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं:
    लैंगिक रूढ़िवादिता: उस समय, विज्ञान और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों को पुरुषों के लिए अधिक उपयुक्त माना जाता था।
    सामाजिक दबाव: परिवार या समुदाय के सदस्यों ने उन्हें पारंपरिक करियर मार्गों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया होगा।
    अवसरों की कमी: उस समय, महिलाओं के लिए एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में शिक्षा और रोजगार के अवसर सीमित हो सकते थे।
    कल्पना चावला न केवल भारतीय महिलाओं के लिए, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए प्रेरणा हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि हम अपने सपनों को प्राप्त कर सकते हैं, चाहे कितनी भी मुश्किलें क्यों न हों। उनकी कहानी हमें प्रेरित करती है कि हम साहसी बनें, कड़ी मेहनत करें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए दृढ़ रहें।

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  4. बचेंद्री पाल की कहानी प्रेरणादायक है। सिलाई करके अपनी पढ़ाई जारी रखना उनकी दृढ़ता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यदि मेरे सामने भी ऐसी ही कोई आर्थिक या पारिवारिक समस्या आती, तो मैं निम्नलिखित तरीकों से समाधान ढूंढने का प्रयास करूँगा। 1. समस्या का आकलन: सबसे पहले, मैं समस्या का गहन विश्लेषण करूँगा। इसमRead more

    बचेंद्री पाल की कहानी प्रेरणादायक है। सिलाई करके अपनी पढ़ाई जारी रखना उनकी दृढ़ता और आत्मविश्वास का प्रतीक है। यदि मेरे सामने भी ऐसी ही कोई आर्थिक या पारिवारिक समस्या आती, तो मैं निम्नलिखित तरीकों से समाधान ढूंढने का प्रयास करूँगा।
    1. समस्या का आकलन: सबसे पहले, मैं समस्या का गहन विश्लेषण करूँगा। इसमें यह समझना शामिल होगा कि समस्या की जड़ क्या है, इसके क्या प्रभाव हैं, और इसे हल करने के लिए मेरे पास कौन से संसाधन उपलब्ध हैं।
    2. संभावित समाधानों की सूची बनाना: एक बार जब मैं समस्या को अच्छी तरह से समझ लूंगा, तो मैं संभावित समाधानों की एक सूची बनाऊंगा। इसमें रचनात्मक और गैर-पारंपरिक समाधानों पर विचार करना भी शामिल होगा।
    3. योजना बनाना और कार्यान्वयन: मैं चुने हुए समाधान को लागू करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाऊँगा। इसमें कार्यों का टूटना, समयसीमा निर्धारित करना और संसाधनों का आवंटन करना शामिल होगा।
    4. सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना: मैं चुनौतियों का सामना करते हुए भी सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखने का प्रयास करूँगा।
    यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हर समस्या का समाधान होता है। बचेंद्री पाल की कहानी इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कड़ी मेहनत और रचनात्मक सोच के माध्यम से, हम अपनी सबसे बड़ी बाधाओं को भी पार कर सकते हैं।

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  5. ‘फ़ीचर’ पत्रकारिता जगत की महत्त्वपूर्ण विधा है, जिसमें समसामयिक पकड़ को प्रधानता दी जाती है। यही कारण है कि इसको ‘समाचारात्मक निबंध’ की संज्ञा दी जा सकती है। विषय प्रस्तुति ही फ़ीचर को शक्ति देता है। यह किसी पाठक के लिए शिक्षक, पथ-प्रदर्शक का काम करता है। इसकी भाषा सहज, सरल और सभी को समझ में आने वालRead more

    ‘फ़ीचर’ पत्रकारिता जगत की महत्त्वपूर्ण विधा है, जिसमें समसामयिक पकड़ को प्रधानता दी जाती है। यही कारण है कि इसको ‘समाचारात्मक निबंध’ की संज्ञा दी जा सकती है। विषय प्रस्तुति ही फ़ीचर को शक्ति देता है। यह किसी पाठक के लिए शिक्षक, पथ-प्रदर्शक का काम करता है। इसकी भाषा सहज, सरल और सभी को समझ में आने वाली होती है।
    उदाहरण के लिए, कल्पना चावला ने अंतरिक्ष में उड़ान भरी, तो
    अखबारों में यह खबर छपी कि एक भारतीय महिला ने अंतरिक्ष की परिक्रमा की। लेकिन कल्पना कौन है, वह अंतरिक्ष में जाने का साहस कैसे जुटा पाई, उसकी इस बहादुरी ने समाज को किस प्रकार से प्रभावित किया? इन बातों को सरल भाषा और मनोरंजक शैली में बताया जाए, तो वह फ़ीचर होगा।

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