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  1. (ग) गोबरधनदास को पकड़कर ले जाया गया, क्योंकि किसी-न-किसी को फाँसी लगानी ही थी।

    (ग) गोबरधनदास को पकड़कर ले जाया गया, क्योंकि किसी-न-किसी को फाँसी लगानी ही थी।

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  2. (क) अभिनेयता का तत्त्व नाटक को अन्य साहित्यिक विधााओं से अलग करता है। (√) (ख) निबंध में दृश्य प्रमुख होता है और नाटक में भाव या विचार। (x) (ग) सही मायने में व्यंग्यकार वही है जो समाज-हित को ध्यान में रखता हो। (√) (घ) यदि कोतवाल की गर्दन में फाँसी का फंदा आ भी जाता तो उसे फाँसी न दी जाती। (x) (ङ) शुभRead more

    (क) अभिनेयता का तत्त्व नाटक को अन्य साहित्यिक विधााओं से अलग करता है। (√)
    (ख) निबंध में दृश्य प्रमुख होता है और नाटक में भाव या विचार। (x)
    (ग) सही मायने में व्यंग्यकार वही है जो समाज-हित को ध्यान में रखता हो। (√)
    (घ) यदि कोतवाल की गर्दन में फाँसी का फंदा आ भी जाता तो उसे फाँसी न दी जाती। (x)
    (ङ) शुभ मुहूर्त में फाँसी चढ़कर राजा अवश्य ही बैकुंठ गया होगा। (x)

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  3. (क) महंत लोभी नहीं, अवसरानुकूल निर्णय लेने वाला विवेकवान व्यक्ति था। (√) (ख) गोबरधनदास समझदार था, इसलिए महंत के साथ नगर से नहीं गया। (x) (ग) अंधेर नगरी में हलवाई प्रमुख पात्रा नहीं है। (√) (घ) लंबे संवाद नाटक के प्रभाव में वृद्धिा करते हैं। (x) (ङ) छोटे संवाद कथानक के विकास में बाधाा बनते हैं। (x)

    (क) महंत लोभी नहीं, अवसरानुकूल निर्णय लेने वाला विवेकवान व्यक्ति था। (√)
    (ख) गोबरधनदास समझदार था, इसलिए महंत के साथ नगर से नहीं गया। (x)
    (ग) अंधेर नगरी में हलवाई प्रमुख पात्रा नहीं है। (√)
    (घ) लंबे संवाद नाटक के प्रभाव में वृद्धिा करते हैं। (x)
    (ङ) छोटे संवाद कथानक के विकास में बाधाा बनते हैं। (x)

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  4. (घ) राजा ने स्वयं फाँसी चढ़ने का निर्णय स्वयं मुक्ति पाने की लालसा में लिया।

    (घ) राजा ने स्वयं फाँसी चढ़ने का निर्णय स्वयं मुक्ति पाने की लालसा में लिया।

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  5. (ग) महंत ने वह नगर छोड़कर जाने का निर्णय भावी संकट की आशंका के कारण लिया।

    (ग) महंत ने वह नगर छोड़कर जाने का निर्णय भावी संकट की आशंका के कारण लिया।

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