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  1. अगर मेरे हाथ में देश की शासन-व्यवस्था सौंप दी जाए, तो मेरी प्राथमिकताएँ होंगी: 1. न्यायिक सुधार: सस्ती और सुलभ न्याय व्यवस्था। 2. शिक्षा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना। 3. स्वास्थ्य सेवा: सबको मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ। 4. भ्रष्टाचार उन्मूलन: भ्रष्टाचार के खिलाफ सखRead more

    अगर मेरे हाथ में देश की शासन-व्यवस्था सौंप दी जाए, तो मेरी प्राथमिकताएँ होंगी:
    1. न्यायिक सुधार: सस्ती और सुलभ न्याय व्यवस्था।
    2. शिक्षा: गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाना।
    3. स्वास्थ्य सेवा: सबको मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ।
    4. भ्रष्टाचार उन्मूलन: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून और उनके प्रभावी क्रियान्वयन।
    5. आर्थिक विकास: सतत विकास और समान अवसर सुनिश्चित करना।
    इन प्राथमिकताओं से एक न्यायसंगत, समृद्ध और स्वस्थ समाज का निर्माण होगा।

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  2. "अंधेर नगरी" नाटक में पाचनवाला अपने चूरन बेचते हुए विभिन्न लोगों पर व्यंग्य करता है, और इन व्यंग्यों के माध्यम से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने समाज और शासन की बुराइयों को उजागर करने का प्रयास किया है। पाचनवाला निम्नलिखित लोगों का व्यंग्य करता है: शासक वर्ग: पाचनवाला शासक वर्ग पर व्यंग्य करता है जो अपनी नीRead more

    “अंधेर नगरी” नाटक में पाचनवाला अपने चूरन बेचते हुए विभिन्न लोगों पर व्यंग्य करता है, और इन व्यंग्यों के माध्यम से भारतेंदु हरिश्चंद्र ने समाज और शासन की बुराइयों को उजागर करने का प्रयास किया है। पाचनवाला निम्नलिखित लोगों का व्यंग्य करता है:
    शासक वर्ग:
    पाचनवाला शासक वर्ग पर व्यंग्य करता है जो अपनी नीतियों और फैसलों में विवेक और न्याय का पालन नहीं करते। इसके माध्यम से यह दिखाया जाता है कि कैसे सत्ता में बैठे लोग अपनी मूर्खता और भ्रष्टाचार के कारण समाज को अराजकता की ओर धकेलते हैं।
    अधिकारियों और न्यायाधीशों:
    पाचनवाला न्याय व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और अन्याय पर व्यंग्य करता है। वह उन अधिकारियों और न्यायाधीशों की आलोचना करता है जो न्याय को बेचते हैं और अपने पद का दुरुपयोग करते हैं। इसका असली लक्ष्य यह दिखाना है कि न्याय व्यवस्था कैसे ध्वस्त हो चुकी है और आम जनता के लिए न्याय पाना कितना मुश्किल हो गया है।
    धनी और शक्तिशाली लोग:
    पाचनवाला समाज के उन धनी और शक्तिशाली लोगों पर भी व्यंग्य करता है जो अपने लोभ और स्वार्थ के लिए अनैतिक कार्य करते हैं। इसका असली लक्ष्य समाज में व्याप्त असमानता और शोषण को उजागर करना है, जहां धनी और शक्तिशाली लोग गरीब और कमजोर वर्गों का शोषण करते हैं।
    आम जनता:
    पाचनवाला आम जनता की मूर्खता और उनकी निष्क्रियता पर भी व्यंग्य करता है। वह दिखाता है कि कैसे जनता अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति अनजान है और कैसे वे शासकों और अधिकारियों के भ्रष्टाचार को सहन करते हैं। इसका असली लक्ष्य जनता को जागरूक करना और उन्हें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करना है।
    व्यंग्य का असली लक्ष्य:
    पाचनवाला के व्यंग्य का असली लक्ष्य समाज में व्याप्त बुराइयों, भ्रष्टाचार और अन्याय को उजागर करना है। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने इस चरित्र के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि समाज के हर वर्ग में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने जनता को यह सोचने पर मजबूर किया कि जब तक वे इन बुराइयों का विरोध नहीं करेंगे, तब तक समाज में न्याय और शांति स्थापित नहीं हो सकती। इसके अलावा, उन्होंने यह भी दिखाया कि एक जागरूक और विवेकशील समाज ही स्वस्थ और स्थिर शासन व्यवस्था की नींव रख सकता है।

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  3. The length of XY changes depending on the placement of X and Y. If the points are aligned diagonally across the rectangle, XY matches the length of AB. When X and Y are closer, the diagonal distance XY becomes shorter than AB. Use a ruler to measure and confirm these variations. This comparison highRead more

    The length of XY changes depending on the placement of X and Y. If the points are aligned diagonally across the rectangle, XY matches the length of AB. When X and Y are closer, the diagonal distance XY becomes shorter than AB. Use a ruler to measure and confirm these variations. This comparison highlights how point positions within a rectangle influence geometric relationships, demonstrating the versatility of rectangular properties in problem-solving.

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    https://www.tiwariacademy.com/ncert-solutions/class-6/maths/

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  4. Start by drawing a rectangle with the length three times its width, ensuring proportional dimensions. Divide the longer side into three equal sections using a ruler and draw perpendicular lines from these points to the opposite side. Verify that each section forms a square by ensuring all sides areRead more

    Start by drawing a rectangle with the length three times its width, ensuring proportional dimensions. Divide the longer side into three equal sections using a ruler and draw perpendicular lines from these points to the opposite side. Verify that each section forms a square by ensuring all sides are equal and angles are 90 degrees. This construction demonstrates how rectangles can be subdivided into identical squares, emphasizing proportionality and symmetry in geometric design.

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